एक पेड़ खड़ा था सीना ताने

9:47 PM

एक पेड़ खड़ा था सीना ताने,
हम सबको सूरज से बचाने,
धूप में खुद को जला के छाव देता हमें  अपने आँचल में छिपा के,
बारिश में खुद को भीगा के हमको सुखा देता अपने नीचे बिठा के,
एक पेड़ खड़ा था सीना ताने,
हम सबको आसमा से छिपाने,
लड़ता आँधियों से वो खुद को सता के,
 फिर भी खुश रहता वो हमको बचा के,


टूट जाती साख कोई फिर भी दिखाता हमे मुस्कुरा के,
एक पेड़ खड़ा था सीना ताने,
हम सब को बुराइयों से बचाने,
लकड़ी देता खुद को वो सुखा के,
हम जला देते जिसे कचरा बता के,
फल देता खुदको वो झुका के ,
फिर भी हम पत्थर बरसाते उसे अपना बता के,
एक पेड़ खड़ा था सीना ताने,
एक पेड़ खड़ा था सीना ताने।।।।

Written by
Sachin Chaudhary


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